गाजीपुर। जनपद की विशेष पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर और पुराने मामले में त्वरित न्याय करते हुए आरोपी को कड़ी...
गाजीपुर। जनपद की विशेष पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर और पुराने मामले में त्वरित न्याय करते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी गौतम को दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम (कठोर) कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही माननीय न्यायाधीश ने दोषी पर 40 हजार रुपये का आर्थिक दंड (अर्थदंड) भी लगाया है। कोर्ट के आदेशानुसार, इस जुर्माने की कुल राशि में से आधी रकम (20 हजार रुपये) सीधे पीड़िता को सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी।
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| Purvanchal Samachar |
यह पूरा मामला वर्ष 2018 का है, जब दोषी गौतम ने एक नाबालिग लड़की को अपनी शादी का झूठा झांसा देकर और बहला-फुसलाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस जघन्य घटना के सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर स्थानीय खानपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस प्रशासन द्वारा विवेचना की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद 8 जुलाई 2019 को अदालत में आरोपी के खिलाफ कड़े आरोप तय किए गए थे।
विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश ने इस संवेदनशील मामले की लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए कुल 7 महत्वपूर्ण गवाहों और वैज्ञानिक व अकाट्य साक्ष्यों को मुख्य आधार मानते हुए अपना यह अंतिम फैसला सुनाया। मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए यह कठोर सजा तय की है। कानूनी जानकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कोर्ट का यह सख्त फैसला महिलाओं और मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बेहद प्रभावी और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
